मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर स्थित जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 3 नवंबर को एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतक की पहचान प्रदीप मंडल के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण मरीज की जान गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
जानकारी के अनुसार, प्रदीप मंडल को कुछ दिनों पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका इलाज चल रहा था। 3 नवंबर की सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हंगामे के दौरान परिजनों ने अस्पताल के कर्मचारियों से बहस की और कुछ देर के लिए कामकाज ठप कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिस ने परिजनों को समझाया और उन्हें शांत कराया। अस्पताल प्रशासन ने भी परिजनों से बातचीत की और मामले की जांच का आश्वासन दिया।
अस्पताल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मरीज का इलाज पूरी तरह से सही तरीके से किया जा रहा था। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदीप मंडल को डायलिसिस पर रखा गया था और उनकी हालत गंभीर थी। डायलिसिस के दौरान ही उनकी मौत हुई है। उन्होंने कहा कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जाएगा और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अस्पताल प्रशासन ने भी अपनी ओर से जांच शुरू कर दी है। परिजनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को बख्शा न जाए। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वे पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों में भी आक्रोश देखा जा रहा है।