मधेपुरा जिले के मुरलीगंज और ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्रों में 2 नवंबर को प्रशासन ने अवैध शराब और वाहन चेकिंग के लिए एक सघन अभियान चलाया। यह अभियान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चलाया गया, जिसका उद्देश्य अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगाना और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना था। अभियान के दौरान कई संदिग्ध वाहनों की जांच की गई और कुछ स्थानों पर छापेमारी भी की गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुरलीगंज थाना क्षेत्र के प्रमुख मार्गों और ग्वालपाड़ा के संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब की तस्करी को रोकने के लिए यह अभियान विशेष रूप से डिजाइन किया गया था, क्योंकि हाल के दिनों में इन क्षेत्रों से शराब तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं। जांच के दौरान कुछ वाहनों से शराब की बोतलें बरामद होने की भी खबर है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस अभियान में थाना प्रभारी और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान बिना कागजात वाले वाहनों, शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। कई वाहनों को जब्त किया गया और चालान भी काटे गए। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन कुछ ने जांच में परेशानी की भी शिकायत की।
प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित चेकिंग अभियान चलाएं और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करें। इसके अलावा, यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने इस पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहेगी। पुलिस ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अवैध शराब या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दे, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है और मामले की further जांच जारी है।